कालसी। थैना स्थित मंदिर में बुधवार को प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। अध्यक्षता बजीर बलदेव सिंह तोमर ने की। बैठक में समिति से जुड़े पदाधिकारी के साथ ही 18 खतों के सदर स्याणा और अन्य लोग शामिल हुए। इस दौरान चालदा देवता के खत बनगांव के ग्राम घणता से खत शैली के ग्राम दोहा में आगामी जून में प्रवास को लेकर चर्चा की गई। सर्वसम्मति से तय किया कि देवता के थैना मंदिर में विराजमान होने के पश्चात महाराज के प्रवास के नए नियमों को लागू किया जाएगा। देवता दोहा में दो साल का प्रवास करेंगे। यहां से प्रवास समाप्त होने पर चालदा महाराज खत कोरु के कचटा गांव में पांच साल का प्रवास कर अपने मूल स्थान थैना आएंगे। देवता के भविष्य के प्रवास कार्यक्रम बाद में निर्धारित किए जाएंगे। चालदा महाराज के बागड़ी (देवता का विश्राम स्थल) 5100 तथा उठवान (भेंट) व बैठावन (भेंट) की धनराशि 2100 होगी। जिस खत में देवता प्रवास के लिए जाएंगे, उस खत के लोग प्रवास का मुहूर्त निकलवाने के लिए थैना के बजीर से संपर्क करेंगे।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख मठोर सिंह चौहान, गुलाब दत्त भट्ट, गंभीर सिंह चौहान, दिग्विजय सिंह चौहान, मोहन तोमर, बीएस भंडारी, मातबर सिंह तोमर, महेंद्र सिंह तोमर, विजयपाल तोमर, राजेंद्र सिंह तोमर, सुनील जोशी आदि मौजूद रहे।