पुलभटटा पुलिस के अनुसार वर्ष 2017 में नोटबंदी के दौरान शिव शंकर अपनी भाभी शकुंतला को लेकर दिल्ली चला गया और दोनों वहां पति-पत्नी की तरह रहने लगे। शिव शंकर मजदूरी करके आजीविका चला रहा था, तभी ग्राम देवरनिया निवासी उसका भांजा राजेंद्र भी दिल्ली आ गया।
हालांकि दोनों अलग-अलग रहते थे। पुलिस के अनुसार यहां भांजा राजेंद्र अपनी मामी से इकतरफा प्यार करने लगा। काफी दिनों तक यह सिलसिला चलता रहा इस बीच शिव शंकर जब अपने घर आता तो पत्नी शकुंतला को उसके मायके छोड़ आता था।
पुलिस के अनुसार 30 अक्तूबर की रात शिव शंकर अपने घर आया था। इधर आरोपी राजेंद्र मामी को अपना बनाने के लिए एक खतरनाक इरादे के साथ अपने गांव देवरनिया आया। रात को एसिड लेकर वह अपने मामा के ऊपर फेंकने ग्राम भंगा आया। यहां उसने एसिड की दो बोतलों को एक बाल्टी में डाला और घर पर सो रहे मामा शिव शंकर के ऊपर फेंक दिया और गन्ने के खेत में जाकर छुप गया।
सुबह होने पर वह मामा के गांव पहुंचा तो पता चला कि मामा को अस्पताल ले गए हैं। वह भी अस्पताल पहुंचा और मामा की देखरेख करने लगा। पुलिस जब शिव शंकर का बयान लेने पहुंची तो उसने मामा का बयान सुनने के लिए बेड पर मोबाइल रिकॉर्डिंग मोड पर रख दिया जो पुलिस की निगाह में आ गया। पुलिस के सख्ती से पूछने पर वह टूट गया और सब कुछ उगल दिया।