IIबजट में प्राकृतिक खेती पर जोर देने की घोषणा से किसानों में खुशी का माहौल है। अभी तक जिले में प्राकृतिक खेती की शुरुआत नहीं हो सकी है। बीते वर्ष कृषि विभाग की ओर से जिलेभर में पांच सौ हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती के रूप में चिह्नित किया गया था। मंगलवार को बजट में एक फिर से प्राकृतिक खेती के दायरे को बढ़ाने और मिशन शुरू करने की घोषणा से किसानों में उत्साह हैं। अमर उजाला की ओर से प्राकृतिक खेती को लेकर किसानों से बातचीत की गई।
I
I
I
I
I
I
I
I
प्राकृतिक खेती से किसानों की लागत में कमी आएगी और उत्पादित फसल का दाम अधिक मिलेगा। यह किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।
I
I- राजपाल, किसान
I
I
I
I
I
I
I
Iप्राकृतिक खेती के माध्यम से हम अपनी मिट्टी और पर्यावरण का संरक्षण भी कर सकेंगे। इससे भूमि की उर्वरता खत्म नहीं होगी। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन होने से बाजार में इसका भाव भी अच्छा मिलेगा।
I
I-राजकुमार, किसान
I
I
I
I
I
I
I
Iप्राकृतिक खेती के साथ किसानों को सरकार की तरफ से और सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके लिए प्राकृतिक खेती का क्लस्टर बनना चाहिए।
I
I-विकास वर्मा, किसान
I
I
I
I
I
I
I
Iलंबे समय से प्राकृतिक खेती की बात सुनते हुए आ रहे हैं। लेकिन, अभी तक जिले में इसकी शुरुआत नही हो सकी है। सरकार की ओर से बार-बार घोषणाएं होती रहती हैं।
I
I-दुष्यंत कठैत, किसानI