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प्रकृति के साथ अत्यधिक छेड़छाड़ से साल दर साल बढ़ रही प्राकृतिक आपदाएं

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माई सिटी रिपोर्टर देहरादून। विश्व पर्यावरण दिवस हमें हमारे पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के बारे में पुनरविचार करने के लिए सचेत करता है। प्रकृति ने हमें प्राणवायु, आहार और जल जैसी जीवनरक्षक चीजों को प्राकृतिक उपहार के तौर पर दिया किए है, जिससे हमारी पृथ्वी रहने योग्य है। लेकिन प्रकृति के साथ लगातार दखलंदाजी से प्रकृति हमें विभिन्न आपदाओं के माध्यम से सचेत कर रही है। आज प्रकृति हमें चेतावनी दे रही है कि हम ध्वस्थ होने के कगार पर हैं। इसलिए यह वक्त लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का है। जरूरत इस बात की है कि हम साफ सफाई एवं स्वच्छता, पर्यावरण को स्वस्थ्यवर्धक एवं स्वच्छ रखने का संकल्प लें। उक्त बातें वन अनुसंधान संस्थान के निदेशक अरुण सिंह रावत ने कही। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर न्यू फाॅरेस्ट परिसर एवं कांवली गार्डन परिसर में सफाई एवं स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आवासीय क्षेत्रों से कूड़ा करकट आदि इकट्ठा किया गया। घर घर स्वच्छता कार्य किया गया। कोरोना संकट के चलते सोशल डिस्टेंंिसंग का पूर्ण रूप से ध्यान रखा गया। कार्यक्रम में संस्थान महानिदेशक, उप महानिदेशक, सहायक महानिदेशक, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, निदेशक, वैज्ञानिक एवं अधिकारी, वन अनुसंधान संस्थान कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। अरुण सिंह रावत, महानिदशक, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वीडियों कांन्फ्रेंसिंग के द्वारा केन्द्रीय विद्यालय एवं नवोदय विद्यालय के छात्र छात्राओं को पेंटिंग एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। ---------- विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर निदेशक अरुण सिंह रावत ने बम्बू पेडल सेनिटाइजर डिस्पेन्सर का शुभारम्भ किया। यह पेडल डिस्पेन्सर सरल है और हाथ को छुए बिना दबाव पर काम करता है। यह कोविड 19 के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए एहतियाती उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
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