विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बुधवार को सचिवालय कूच किया। नारेबाजी करते हुए इंटक के लोग सचिवालय के पास पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने बैरिकेडिंग पर बैठकर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। बाद में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एडीएम को सौंपा गया।
कांग्रेस मुख्यालय पर सुबह से ही राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के नेतृत्व में विभिन्न संगठन से जुड़े लोग एकत्र होने लगे थे। सुबह करीब 11.15 बजे कर्मचारियों, महिलाओं, श्रमिकों और बेरोजगारों की मुख्य मांगों को लेकर सचिवालय कूच किया। लोग गांधी पार्क से होते हुए परेड ग्राउंड चौक से सचिवालय की तरफ बढ़े। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सचिवालय से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इससे नाराज प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इंटक के प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने सरकार से गोल्डन फॉरेस्ट की नीलामी का संज्ञान लेने की बात कही।
कहा कि मजदूर वर्ग पर लगातार अत्याचार हो रहा है। मजदूरों और गरीबों का शोषण किया जा रहा है। उधर, पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर भी सरकार ने मौन साध रखा है। प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ते अपराध पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी, आईएसबीटी सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण और ऊधमसिंह नगर में महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं पर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जो शर्मनाक है। उन्होंने राज्य में कार्यरत आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशाओं और भोजन माताओं को राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया।