फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: दफ्तर हो या रेलवे स्टेशन, हर संदिग्ध की पहचान करेगी नैना, जानिए एआई मॉडल की क्या-क्या खूबियां

Fri, 17 Apr 2026 11:39 AM IST
Renu Saklani आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

नैना को विकसित करने वाली कंपनी सैक्निनजाज कंपनी की ओर से इस एआई मॉडल की खूबियां बताई गई है। कैमरे के माध्यम से यह एआई मॉडल तत्काल संदिग्धता का प्रतिशत बताएगा। इसके बाद उस संदिग्ध व्यक्ति के पास अगर कोई हथियार होगा तो उसे भी पहचान लेगा।
विज्ञापन
डिजिटल समिट में आई एआई कंपनी नैना करती है संदिग्धों की पहचान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रेलवे स्टेशन पर हजारों की भीड़ के बीच घूमने वाले संदिग्धों को नैना एआई मॉडल तत्काल पहचान लेगा। किसी कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों की संदिग्ध गतिविधि या अचानक तबीयत बिगड़ने की सूरत में भी यह अलर्ट दे देगा। नैना को विकसित करने वाली कंपनी सैक्निनजाज के निदेशक अमोल ने कहा कि उत्तराखंड में यह तकनीकी काफी कारगर हो सकती है।

अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि नैना एआई की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह भारी भीड़ में भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु की पहचान कर सकता है। कैमरे के माध्यम से यह एआई मॉडल तत्काल संदिग्धता का प्रतिशत बताएगा। इसके बाद उस संदिग्ध व्यक्ति के पास अगर कोई हथियार होगा तो उसे भी पहचान लेगा। इससे सुरक्षाकर्मियों को आसान हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो में कंपनी अपना यह मॉडल लागू करने की योजना पर काम कर रही है।

अमोल के मुताबिक, केवल सार्वजनिक स्थानों ही नहीं बल्कि कार्यालयों में भी उनका यह मॉडल लगाया जा सकता है। यह एआई हर कर्मचारी की रोजाना की गतिविधि नोट करेगा। अगर अचानक किसी कर्मचारी को कोई हार्ट अटैक जैसी समस्या होगी तो यह तुरंत कंपनी को इसका अलर्ट दे देगा ताकि समय से इलाज हो सके। इसी प्रकार, हाईवे या एक्सप्रेस वे पर इसे लागू करने का भी लाभ होगा। यह हाईवे पर हादसा होने पर उसे पहचान करके तुरंत संबंधित पुलिस, स्वास्थ्य टीमों का इसका अलर्ट और लोकेशन भेज देगा, जिससे घायलों को उपचार मिलने में आसानी होगी।

ये भी पढे़ं...Uttarakhand: देहरादून समेत चार जिलों के सभी मदरसों की जांच के आदेश, बाहरी राज्यों के बच्चों को लाने का मामला

परिवहन में भी हो सकता है कारगर

उत्तराखंड में हर साल आने वाली आपदाएं हों या फिर चारधाम जैसी महत्वपूर्ण यात्रा। नैना इन सब पर नजर रख सकता है। परिवहन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने में विशेषकर कारगर हो सकता है। अभी तक कैमरा वाहनों की नंबर प्लेट देखकर स्कैन करता है। इसके बाद विभाग इस पर कार्रवाई करता है। नैना नियम तोड़ने वाले वाहनों को पहचानकर स्वत: उसके खिलाफ चालान की कार्रवाई कर देगा। सीट बेल्ट तक की नजर इससे रखी जा सकती है।

विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें