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विवादित बयान पर भड़का मुस्लिम संगठन, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका

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सचिवालय कूच के दौरान बैरिकेडिंग के समीप कुछ इस तरह हाथ उठाकर दुआ मांगते मुस्लिम सेवा संगठन के सदस - फोटो : DEHRADUN
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हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ दिए गए विवादित बयान से आक्रोशित मुस्लिम सेवा संगठन का गुस्सा शनिवार को राजधानी में फूटा। पुलिस मुख्यालय कूच के लिए बढ़ते संगठन के लोगों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर पीछे ही रोक लिया। जिसके बाद यहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हुई। शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संगठन ने कहा कि कुछ लोग यहां की गंगा जमुनी तहजीब को जहरीला करना चाहते है। समुदाय के लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए संगठन के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया। एसआईटी गठन के आदेश दिए जाने के बाद संगठन के लोग शांत हुए। समुदाय के खिलाफ विवादित बयान देने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा धर्म संसद के आयोजकों और वक्ताओं पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर मुस्लिम सेवा संगठन ने आक्रोश जताया। कार्रवाई की मांग को लेकर भारी संख्या में समुदाय के लोग कनक चौक से पुलिस मुख्यालय कूच के लिए पहुंचे। पुलिस ने पहले ही यहां बैरिकेड लगाकर लोगों को रोका। आगे बढ़ने की जिद पर अड़े लोगों की यहां पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई। इसके बाद सभी लोग यही धरने पर बैठ गए। संगठन के वक्ताओं ने कहा कि हम प्यार मोहब्बत से रहते आए हैं और हमेशा रहेंगे। कहा कि हिंदू-मुस्लिम हमेशा मिलजुल कर रहते आए हैं। और आगे भी प्यार, अमन से रहेंगे। इमाम संगठन के अध्यक्ष मुफ्ती रईस अहमद कासमी ने कहा कि जब तक पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं करेगी, हम आवाम के साथ पुलिस मुख्यालय पर ही बैठे रहेंगे। मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा इस देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी संविधान बचाने को प्रतिबद्ध है। देश के सविंधान को तोड़ने कि बात करने वालों पर कार्रवाई ना होना यह दर्शाता है कि उत्तराखंड पुलिस दबाव में काम कर रही है। देश के संविधान को तोड़ने और अल्पसंख्यक समाज को काटने मारने की बात करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने ऐसी धर्म संसद पर रोक लगाने की भी मांग की। ताकि भविष्य में देश की एकता और अखंडता बनी रहे। घंटों यहां धरने पर बैठने के बाद शहर के उलेमाओं और मुस्लिम सेवा संगठन के लोगों को वार्ता के बुलाया गया। डीजीपी मुख्यालय में वार्ता के बाद डीजीपी ने डीआईजी गढ़वाल को तत्काल प्रभाव से एसआईटी का गठन कर मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। शहर के उलेमाओं और संगठन ने कहा कि अगर विधिक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो दुबारा से उग्र आंदोलन होगा। वार्ता कर लौटे उलेमाओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर आश्वासन मिलने की खबर बताई, जिसके समुदाय के लोग यहां धरना स्थल से उठ गए। इस मौके पर मुस्लिम सेवा संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी , महासचिव सद्दाम कुरैशी, आसिफ हुसैन , जमीयत उलेमा ए हिन्द के जिला सदर मुफ्ती रईस कासमी मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी, जमीयत उलेमा हिंद देहरादून के शहर सदर मुफ्ती राशिद शहर के नायाब सदर कारी अब्दुल, समद इमाम संगठन के सचिव मौलाना मन्नान मुफ्ती मेहबूब ,मुस्लिम सेवा संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी, प्रधान महासचिव आसिफ हुसैन सद्दाम कुरैशी, मेहताब कुरैशी , मुदस्सिर कुरैशी ,फरहान खान, शाकिब कुरैशी, पार्षद इतात खान, इल्यास अंसारी, दानिश कुरैशी हाफिज उमर, हासिम मुहम्मद अकरम खान , मुस्लिम सेवा संगठन के जिला अध्यक्ष नसिबू हुसैन ,पछवादून अध्यक्ष निजाकत अली, हाफिज अकरम, नासिर मंसूरी आदि मौजूद रहे।

कनक चौक में एकत्रित होकर सचिवालय कूच करने पहुंचे मुस्लिम सेवा संगठन के सदस्यों को पुलिस द्वारा स?- फोटो : DEHRADUN

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