वहां सिडकुल चौकी पुलिस धीरज का शव सीलबंद कर अन्यत्र भेजने की फिराक में थी। पुलिस से इस बारे में पूछा तो कुछ भी बताने से इनकार कर दिया गया और परिवार को भगाने की कोशिश की गई। उनके जबरदस्ती करने पर उन्हें अकेले हवालात में ले जाकर चेहरा दिखाया गया तो स्पष्ट हुआ कि धीरज की वास्तव में मौत हो गई है।
उन्होंने चौकी पुलिस पर अमानवीय कृत्य करने का आरोप लगाते हुए चौकी प्रभारी और अन्य स्टाफ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस पर एसएसपी ने कोतवाली पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
सीओ सुरजीत ने बताया कि मृतक धीरज के पिता वीरेंद्र सिंह राणा की तहरीर पर सिडकुल चौकी के सभी कर्मियों के खिलाफ हत्या और अवैध रूप से छात्र को अभिरक्षा में रखने के आरोप में आईपीसी की धारा 302 और 342 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।