यहां सूरी ने उसे मेरठ की एसटीएफ द्वारा उठाकर ले जाने की बात बताई। उसने बताया कि एसटीएफ ने उससे सामान्य पूछताछ की। एसटीएफ के अधिकारियों ने उसके हाल निवास के बारे में पड़ताल की और बृहस्पतिवार दिन में मेरठ में छोड़ दिया।
पत्रकारों से बातचीत करने से पहले सूरी अपने वकील से बात कर चुका था। बताया जा रहा है कि पत्रकारों को केवल उतनी बात बताई गई, जितना उसे बताने को कहा गया था।
उधर, सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर उसे यूपी की नहीं, बल्कि उत्तराखंड एसटीएफ के अधिकारी उठा ले गए थे। उसे कोटद्वार के आसपास के क्षेत्र में ही पूछताछ कर कौड़िया चेक पोस्ट पर छोड़ दिया गया।
सूत्रों ने तो यहां तक बताया कि पूछताछ कोटद्वार के सुशील रघुवंशी हत्याकांड के संदर्भ में ही हुई है। संभवत: इस बात की जानकारी कोटद्वार और पौड़ी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी पता थी। यही वजह रही कि सूरी के अपहरण की सूचना के बाद भी पुलिस ज्यादा सक्रिय नहीं दिखी।