नगर निगम दो और एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनाने की तैयारी कर रहा है। इसमें से एक के लिए तो जगह तलाश कर ली है, जबकि दूसरे के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। एमआरएफ सेंटर में कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। इसके साथ ही कूड़े के अलावा पॉलिथीन, कागज और लोहा आदि का पृथकीकरण कर उसे अलग से री-साइकिल किया जाएगा।
शहर में शत फीसद कूड़ा निस्तारण करना नगर निगम की बड़ी समस्या है। अभी तक नगर निगम का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शीशमबाड़ा सेलाकुई में काम कर रहा है। यहां 99 वार्डों का कूड़ा निस्तारण किया जा रहा है। जबकि एक वार्ड में कलस्टर के तहत संस्थाओं को कूड़ा एकत्र कर निस्तारण की जिम्मेदारी मिली हुई है। इसके अलावा दो एमआरएफ सेंटर हर्रावाला और नथुवावाला में भी संचालित किए जा रहे हैं। जहां कुछ वार्डों का कूड़ा निस्तारित किया जाता है।
शहर में तीन कंपनी कूड़ा उठान कर रही हैं। चेन्नई एमएसडब्ल्यू के जिम्मे 69 वार्ड हैं, जबकि मैसर्स सनलाइट के पास 15 और मैसर्स ईकॉन के पास 15 वार्ड की जिम्मेदारी है। निगम को कूड़ा कारगी से शीशमबाड़ा ले जाना काफी महंगा पड़ रहा है। साथ ही शीशमबाड़ा में कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है। ऐसे में शहर में कूड़ा निस्तारण करना निगम के लिए चुनौती बनता जा रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए निगम अब दो और एमआरएफ सेंटर बनाने की तैयारी कर रहा है। इसमें से एक के लिए मोथरोवाला में जगह चिन्हित कर ली गई है। जिसकी जिम्मेदारी 15 वार्डों में कूड़ा उठान का कार्य कर रही मैसर्स सनलाइट को दी गई है। जबकि दूसरे सेंटर के निर्माण जिम्मेदारी मैसर्स ईकॉन को दी गई है। निगम की ओर से मैसर्स ईकॉन को जल्द ही डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
कूड़ा निस्तारण के साथ निगम की आय में होगी वृद्धि
एमआरएफ सेंटर में कूड़े से खाद तैयार की जाएगी। जिसे बेचकर निगम को आय होगी। साथ ही यहां लोहा, प्लास्टिक कागज को अलग-अलग कर निस्तारित किया जाएगा। इसे बेचकर भी निगम को आय होगी। इसके अलावा शीशमबाड़ा में जो कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है, उसके निस्तारण में भी सुविधा होगी।
कूड़े के निस्तारण के लिए नगर निगम अपने स्तर से हर प्रयास कर रहा है। शीशमबाड़ा में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चल रहा है। इसके अलावा दो एमआरएफ सेंटर चल रहे हैं। जल्द ही दो और एमआरएफ सेंटर बनाए जाएंगे। इनके बन जाने से काफी हद तक कूड़ा निस्तारण की समस्या से निजात मिलेगी।
मनुज गोयल, नगर आयुक्त