नगर निगम ने घर-घर कूड़ा उठान का काम करने वाली चेन्नई एमएसडब्ल्यू से काम वापस लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने उक्त कंपनी से बीस वार्ड छीनकर मैमर्स सनलाइट और मैमर्स ईकॉन को दे दिए हैं। फिलहाल 49 वार्डों में चेन्नई एमएसडब्ल्यू काम करती रहेगी।
बता दें कि दून में 99 वार्डों में तीन कंपनियां घर-घर कूड़ा उठान का कार्य करती है। इसमें से अभी तक 69 वार्ड में चेन्नई एमएसडब्ल्यू, जबकि 15 वार्डों में मैमर्स सनलाइट और 14 वार्डों में मैमर्स ईकॉन कंपनी घर-घर कूड़ा उठान का कार्य करती है। पिछले अगस्त माह में चेन्नई एमएसडब्ल्यू और रैमकी ने 31 अगस्त को काम छोड़ने की चेतावनी दी थी। हालांकि, बाद में दोनों कंपनियां दो माह तक पूर्व की भांति काम करने पर राजी हो गईं। लेकिन, अब नगर निगम ने रैमकी एनवायरो लिमिटेड और चेन्नई एमएसडब्ल्यू को बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना लिया है। इसके लिए निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था बनानी शुरू कर दी है। जिसके तहत जहां शीशमबाड़ा में कूड़ा निस्तारण प्लांट संचालित करते हुए निगम ने टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं। वहीं, अब चेन्नई एमएसडब्ल्यू से भी वार्ड छीनने शुरू कर दिए हैं। प्रथम चरण में चेन्नई एमएसडब्ल्यू से बीस वार्ड वापस ले लिए गए हैं। इन वार्डों को पहले से कूड़ा उठान का कार्य कर रहीं मैमर्स सनलाइट और मैमर्स ईकॉन कंपनी को दिया गया है। कुछ समय बाद अन्य वार्डों को भी इन कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
एक ही वार्ड में कूड़ा उठान का लिया जा रहा अलग-अलग शुल्क
नगर निगम के एक ही वार्ड में लोगों से कूड़ा उठान का अलग-अलग शुल्क वसूला जा रहा है। वार्डों से कूड़ा उठान का काम सनलाइट, ईकॉन और चेन्नई एमएसडब्ल्यू के पास है, जिनका मासिक किराया पचास रुपये है। लेकिन, कुछ वार्डों में लंबे समय से जन सुविधा के नाम पर एक अन्य कंपनी कूड़ा उठा रही है। जो कूड़ा उठान के लिए प्रतिघर से प्रतिमाह 100 रुपये वसूल रही है। सवाल यह है नगर निगम के वार्डों में कूड़ा उठाने का अलग-अलग शुल्क लोगों से क्यों वसूला जा रहा है।
निगम के वार्ड नंबर 87 सेवलाकलां में दो गाड़ियों से कूड़ा उठान किया जा रहा है। यहां कूड़ा उठान का ठेका मैमर्स सनलाइट के पास है, लेकिन यहां जनसुविधा नाम से एक एनजीओ भी कूड़ा उठान का कार्य कर रहा है। जो लोगों से सौ रुपये प्रतिमाह वसूल रहा है। जबकि निगम से अनुबंधित मैमर्स सनलाइन पचास रुपये प्रतिमाह ले रहा है। बताया कि जा रहा है कि अन्य वार्डों में भी ऐसा ही चल रहा है। यह एनजीओ किस आधार पर कूड़ा उठान कर रही है, इस पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि नगर निगम प्रशासन का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि ऐसा है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। कहा कि नगर निगम की अनुमति के बिना अगर कोई एनजीओ कूड़ा उठान कर रहा है और ज्यादा शुल्क वसूल रहा है तो गलत है। कार्रवाई करते हुए एनजीओ के वाहन सीज किए जाएंगेे।