डेंगू से बचाव के लिए नगर निगम तमाम दावे करता है। शहरभर में लार्वा ढूंढने के साथ ही फॉगिंग अभियान चलाया जा रहा है। लार्वा मिलने पर लोगों पर जुर्माना लगाया जा रहा है, लेकिन अपने ही घर में ही पनप रहे डेंगू मच्छरों की खबर नगर निगम को नहीं है।
दरअसल नगर निगम में मेयर कार्यालय के बाहर करीब 50 ड्रम रखे हैं। इन ड्रमों पर बरसात का पानी जमा है। इसके अलावा यहां पर एक पेड़ है। पेड़ की टहनियां और पत्तियां टूटकर इस पानी में गिरती रहती हैं, लेकिन पानी साफ ही रहता है। नगर निगम की ओर से इन ड्रमों के पानी को साफ नहीं किया जाता। ऐसे में इस पानी में डेंगू का लार्वा पनपने का खतरा है।
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18 दिन में वसूला 18580 रुपये जुर्माना
जिन इलाकों में डेंगू के अधिक मरीज मिल रहे हैं, ऐसे कुछ इलाकों को हाई रिस्क जोन बनाया गया है और कुछ इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। 16 जुलाई से दो अगस्त तक लार्वा मिलने पर निगम ने 81 चालान बनाते हुए 18580 रुपये जुर्माना वसूला है। बुधवार को ही मेयर ने शहर में वृहद स्तर पर फॉगिंग के लिए छह बड़े फॉगिंग वाहनों को भी रवाना किया गया है। मेयर से लेकर नगर निगम के कर्मचारी लोगों से पानी न भरने देने और सफाई रखने की अपील कर रहे हैं, लेकिन अपने ही परिसर की सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इन सभी ड्रमों पर रोजाना लार्वी साइडल का छिड़काव किया जाता है। इसके अलावा लोक निर्माण अनुभाग को ड्रमों को हटाने के लिए पत्र लिखा गया है।
-डॉ. अविनाश खन्ना, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी