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बदरीनाथ धाम पहुंचे मुकेश अंबानी, 15 मिनट तक की बदरी विशाल की पूजा-अर्चना

Sat, 26 Oct 2019 06:13 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदरीनाथ
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mukesh ambani - फोटो : अमर उजाला
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प्रसिद्ध उद्योगपति व रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी ने शनिवार को बदरीनाथ धाम और केदारनाथ के दर्शन किए। शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे उद्योगपति मुकेश अंबानी हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ धाम पहुंचे। बीकेटीसी के अधिकारी-कर्मचारियों ने उनका तुलसी माला से स्वागत किया। मुकेश अंबानी ने करीब आधा घंटे तक भगवान बदरीनाथ की महाभिषेक पूजा व अन्य पूजाओं में प्रतिभाग किया। 

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बदरीनाथ धाम के दर्शन के बाद सुबह साढ़े दस बजे वे बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह के साथ हेलीकॉप्टर से केदारनाथ पहुंचे। उन्होंने केदारनाथ में रुद्राभिषेक पूजा कर बाबा केदारनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर समिति ने उन्हें प्रसाद, भगवान बदरीनाथ का अंगवस्त्र और तुलसी माला भेंट की। मुकेश अंबानी ने बदरीनाथ में रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी से भी भेंट की। इसी वर्ष मई माह में मुकेश अंबानी ने कर्नाटक के मैसूर में श्री बदरी-केदार चंदन वन स्थापित करने की बात कही थी, ताकि बदरी-केदार मंदिर में पूजा के लिए चंदन बाजार से न खरीदना पड़े।

मुकेश अंबानी ने बदरी-केदार की पूजाओं और भोग के लिए एक-एक करोड़ रुपये बीकेटीसी को दिए। दर्शनों के बाद मुकेश अंबानी ने मंदिर के अधिकारियों के साथ मैसूर में चंदन वन स्थापित किए जाने पर चर्चा की। निर्णय लिया गया कि बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद चंदन वन स्थापित करने के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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इस संबंध में मुकेश अंबानी ने बीकेटीसी के अधिकारियों से वार्ता की। निर्णय लिया गया कि 17 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने पर मुकेश अंबानी के साथ बीकेटीसी के अधिकारी मैसूर का दौरा कर चंदन वन के लिए भूमि चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। चंदन वन स्थापित करना मुकेश अंबानी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है।

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हर साल चंदन के लिए भेंट करते है धनराशि

मुकेश अंबानी की भगवान बदरी विशाल में अगाध आस्था है। वे हर साल धाम आकर दर्शन करते हैं। बीते मई में भी वे यहां आए थे और गीता पाठ किया था। यही नहीं बदरी-केदारनाथ में चंदन और केसर के लिए दो करोड़ रुपए बीकेटीसी को भेंट दिए थे। वे हर साल चंदन के लिए रकम भेंट करते हैं। 

इसके साथ ही उन्होंने बदरी-केदार में चंदन की कमी न हो इसके लिए कर्नाटक में पांच बीघा जमीन पर बदरीश धीरुभाई अंबानी चंदन वाटिका स्थापित करने पर सहमति दी। 
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