देहरादून नारी निकेतन में जब वर्षो पहले बिछड़े मां बेटे मिले तो यहां मौजूद हर शख्स भावुक हो गया। 17 साल पहले बिछुड़ी मां को लेने गोपाल नेपाल से पहुंचा। चेहरा धुंधुला दिखने के बाद जब मां ने दोनों हाथों से बेटे के चेहरे पर हाथ फेरा तो झट से बोली, कैसा है गोपाल?
60 वर्षीय पार्वती भले ही आंखों से साफ नहीं देख सकती लेकिन 17 साल बाद भी उन्होंने बेटे को छूकर पहचान लिया। बृहस्पतिवार को गोपाल नारी निकेतन पहुंचा। इतने सालों बाद बेटे को देख पार्वती की आंखे भी नम हो गई। बेटे को गले लगाया और उसका हाल चाल पूछने लगी। गोपाल अपनी मां को साथ ले जाने को आया है। शुक्रवार को सभी औपचारिकताएं पूरी कर वह शनिवार को मां को ले जाएगा। गोपाल ने बताया कि मां पार्वती की मानसिक स्थिति कुछ ठीक नहीं रहती थी।