उनका आरोप था कि यहां उन्हें हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून में ग्राहकों के पास भेजा जाता था और देह व्यापार कराया जाता था। इसी क्रम में दोनों मां और बेटे उन्हें 28 मार्च 2018 को ऋषिकेश में ग्राहक के पास लाए थे, लेकिन ग्राहक से रुपयों को लेकर बात न बनने पर वापस देहरादून लौट रहे थे।
इस मामले में पुलिस ने दोनों लड़कियों को गवाह बनाकर मां और बेटे के खिलाफ वेश्यावृत्ति कराने तथा अनैतिक देह व्यापार के आरोप में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
मंगलवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मनीष मिश्रा की अदालत ने आरोपी ऋषभ पुत्र स्व. आदर्श कुमार और उसकी माता मंजू पत्नी स्व. आदर्श कुमार, निवासी 315 रामनगर, लक्खीबाग थाना कोतवाली नगर देहरादून को नौकरी का झांसा देकर वेश्यावृत्ति कराने तथा अनैतिक देह व्यापार का दोषी माना। अब इस मामले में बुधवार को सजा सुनाई जाएगी।