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Dehradun News: राज्य निर्माण के बाद सड़क की आस जगी, अब तक अधूरी

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Iस्वीकृति के छह साल बाद भी नहीं हुआ सड़क का निर्माणI

राज्य निर्माण के 22 वर्ष बीतने के बाद भी कालसी तहसील क्षेत्र की पांच हजार से अधिक की आबादी सीधे सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाई है। खत विशायल और खत सिलगांव के ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय कालसी और विकासनगर तक आने के लिए करीब 20 से 22 किमी का उल्टा फेरा लगाना पड़ता है। छह साल पहले हईया अलसी सकनी कनबुआ मोटर मार्ग से देऊ गांव तक छह किमी सड़क के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। लेकिन राज्य निर्माण के बाद जगी सड़क की आस अब टूट रही है।

खत विशायल व खत सिलगांव के 30 से अधिक गांवों के ग्रामीण हईया अलसी सकनी कनबुआ मोटर मार्ग पर स्थित सकनी गांव से देऊ गांव होते हुए डांडा मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग करते आ रहे हैं। अभी ग्रामीण पजिटीलानी होते हुए कालसी और विकासनगर आते हैं।
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ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय खेती है। ऐसे में ग्रामीणों को अपनी फसल की उपज को साहिया और विकासनगर स्थित कृषि मंडी तक पहुंचाने में दिक्कत होती है। वित्त वर्ष 2016-17 में देऊ गांव तक छह किमी सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी। लेकिन स्वीकृति मिलने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।





Iसड़क निर्माण से इन गांवों से मिलेगा लाभI



सड़क निर्माण होने से अलसी, सकनी, कनबुआ, ककाडी, देऊ, डांडा, देसोऊ, रूपोऊ, डिमोऊ, पंजिया, सैरी, निछिया, धोईरा, भंजरा, कपाणी, अतलेऊ, पियाणी सहित 30 से अधिक गांव हईया अलसी सकनी कनबुआ मोटर और डांडा मोटर मार्ग से जुड़ जाएंगे।




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I22 साल से लोग सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। सड़क का निर्माण न होने से किसानों और बीमारों को बड़ी दिक्कत उठानी पड़ती है। जब सड़क पास हो चुकी है तो उसका निर्माण क्यों नहीं हो रहा है। - नीरज पंवार, स्थानीय निवासी
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Iसड़क को छह साल पहले मंजूरी मिल थी। लेकिन उसके बाद सर्वे नहीं हुआ। दो खतों की पांच हजार की आबादी को रोज परेशानी झेलनी पड़ती है। पलायन को रोकने के लिए सड़क निर्माण बहुत जरूरी है। - सुल्तान सिंह बिष्ट पूर्व प्रधान
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Iराज्य निर्माण के बाद सड़क बनने की आस जगी थी। छह साल पहले सड़क को स्वीकृति मिली तो लगा अब जल्द ही लंबा चक्कर काटने की परेशानी दूर हो जाएगी। लेकिन निर्माण तो दूर अब तक सर्वे तक नहीं हुआ। - बिरेंद्र सिंह पंवार, स्थानीय निवासीI




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