जांच में पता चला कि इन लोगों ने अलग-अलग गिरोह बनाकर करीब 200 लोगों को यह पेपर बेचा था। इनमें से सबसे अधिक अभ्यर्थी उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र के हैं। हरेक से 10 से 15 लाख रुपये वसूले गए थे। अधिकतर को पेपर को सोशल मीडिया के माध्यम से सर्कुलेट किया गया था, जबकि, कुछ जगहों पर होटल, रेस्तरां और गेस्ट हाउस में बैठकर बांटा गया था। हालांकि, अभी तक किसी अभ्यर्थी को इस मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है।
मनोज जोशी को फिर लिया रिमांड पर
आरोपी मनोज जोशी को एसटीएफ ने एक बार फिर से रिमांड पर लिया है। उससे पूछताछ करने के लिए एसटीएफ उसे कुमाऊं लेकर गई है। वहां पर पूछताछ के बाद उसे कई लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है। पहले उसे रिमांड में लेकर एसटीएफ ने कुछ ब्लैंक चेक और 10 लाख रुपये से अधिक कैश बरामद किया था। हालांकि, अब उसके पास से क्या मिलने वाला है, यह रिमांड से लौटने पर ही पता चल पाएगा।