उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के संकल्प को मजबूत करने के लिए सोमवार को पुलिस, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और नशा मुक्ति केंद्रों के संचालकों की एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ/साइबर/एएनटीएफ नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और नशा तस्करी के विरुद्ध प्रभावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। बैठक में ई-प्रतिज्ञा अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने पर भी बल दिया गया। साथ ही भारत सरकार की राष्ट्रीय डी-एडिक्शन हेल्पलाइन 14446 और मानस हेल्पलाइन 1933 के प्रचार-प्रसार को बढ़ाने का निर्णय लिया गया, ताकि नशे से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिजनों को समय पर परामर्श और सहायता मिल सके।