कुछ लोग खुद को खुदा का बंदा बताकर जमकर नोटो की बारिश करते थे। इस बात से जब वे चर्चाओं में आए तो लालच में अंधे लोगों ने अपनी जिंदगी भर की पूंजी भी लगा दी। लेकिन इसके बाद खुदा के बंदो का ये अंजाम हुआ।
नोटों की बारिश कराने का झांसा देकर बिल्डर से एक लाख रुपये ठगने वाले दो शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सौदे के बाकी चार लाख रुपये लेने रेलवे स्टेशन आए थे।
लेकिन समय रहते बिल्डर को ठगी का अहसास हो गया और उसने पुलिस में शिकायत कर दी। सहारनपुर के आरोपी स्वयं को खुदा के बंदे बताकर लोगों से ठगी करते थे।
रायपुर क्षेत्र के रक्षा विहार निवासी बिल्डर शाह आलम ने लक्खी बाग पुलिस चौकी पर सूचना दी कि दो ठगों ने खुद को अल्लाह का बंदा बताकर घर में नोटों की बारिश कराने का झांसा दिया था।
उन्होंने नोटों की बारिश कराने के लिए उससे पांच लाख रुपये में सौदा तय किया था। पहली किश्त में एक लाख रुपये दे भी दिए थे, मगर अब वह समझ गया है कि उसके साथ ठगी हुई है।
पूजा-पाठ के नाम पर कुछ रुपये कैश में ले लेते थे
शाह आलम ने पुलिस को बताया कि दोनों युवक बकाया चार लाख लेने बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन आ रहे हैं। सूचना पाकर लक्खी बाग चौकी प्रभारी अनिल चौहान ने टीम के साथ रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर आरोपियों को 12 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनकी पहचान निशान निवासी सलेमपुर, कोतवाली देहात, सहारनपुर एवं शाहिद निवासी टपरी, सहारनपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को पैसे का लालच देकर उन्हें बताते थे कि वह खुदा के बंदे हैं और जादू से करोड़ों रुपये की बारिश कराएंगे।
लोगों से पहले ही पूजा-पाठ के नाम पर कुछ रुपये कैश में ले लेते थे। बाद में उन्हें एक कमरे में बंद कर नोटों की कुछ गड्डियां उछाल देते थे। इससे उनका विश्वास और जम जाता था।
आरोपी मोटी रकम लेकर तीन दिन में कमरे में करोड़ाें की बारिश होने का झांसा देकर फुर्र हो जाते थे। चौकी प्रभारी अनिल चौहान ने बताया कि आरोपी पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। पुलिस ने चालान कर दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।