खजुरिया पहुंचने पर किशोरी के पिता को पता चला कि बेटी को साथ ले जाने वाले लोगों ने उसे 50 हजार रुपये में बेच दिया है। कुछ समय बाद नाबालिग के पिता बेटी को छुड़ाकर घर ले आए। यहां किशोरी ने बताया कि उसे एक कमरे में बंद करके रखा गया था, जहां उसके साथ दुष्कर्म भी किया गया।
नाबालिग के पिता मामले को लेकर रुद्रपुर थाना पुलिस के पास पहुंचे लेकिन पुलिस ने कोई मदद नहीं की। इसके बाद पीड़ित कोर्ट की शरण में पहुंचा। कोर्ट ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इस पर अब थाना पुलिस ने नाबालिग को बेचने वाले मुन्नी देवी, विजेंद्र और अहमद अली के खिलाफ धारा 370, 376, 506 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।