पीड़िता और शिकायतकर्ता उसकी बहन के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए गए। इसके बाद पुलिस ने 55 दिन के बाद मुकदमे में चार्जशीट दाखिल कर दी। इस दरम्यान युवती ने एक बच्चे को जन्म दिया।
पुलिस ने बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया, जिसका आरोपी शाहरुख के डीएनए से मिलान हुआ। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मुकदमे में अभियोजन की ओर से कुल 13 गवाह प्रस्तुत किए गए।
हालांकि, अदालत ने डीएनए मिलान रिपोर्ट को ही सर्वोपरि और आरोपी को दोषी ठहराए जाने के लिए पर्याप्त बताया। इसके बाद उसे 12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। जुर्माने के 50 हजार में से 25 हजार रुपये पीड़िता को अदा किए जाने के आदेश दिए हैं।