क्षेत्र में खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। आलम यह है कि नदियों के अलावा दबंगई दिखाते हुए वे ग्रामीणों की कृषि भूमि पर भी जमकर अवैध खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से सख्ती नहीं दिखाने के कारण खनन माफिया को किसी का डर नहीं है। इसी का नतीजा है कि खनन का विरोध करने पर अब ग्रामीणों को पीटा जा रहा है।
बृहस्पतिवार रात खनन माफिया की ओर से दरगाहपुर के ग्रामीणों के खेतों में खनन का विरोध करने पर मारपीट करने का यह पहला मामला नहीं है। लगभग दो माह पहले निहंदपुर सुठारी गांव के निकट स्थित बाणगंगा नदी के किनारे खनन माफिया ने किसानों की कृषि भूमि में अवैध खनन किया था।
विरोध करने पर किसानों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने लक्सर तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम और पुलिस से शिकायत की थी। करीब 15 दिन लपहले खनन माफिया ने बालावाली गंगा नदी के निकट अवैध रूप से खनन शुरू कर दिया था। कलसिया और बालावाली के ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसडीएम और उच्चाधिकारियों से की थी।
इसके अलावा भी बेखौफ खनन माफिया कुआंखेड़ा में सोलानी नदी, खानपुर क्षेत्र में कान्हावाली, भोवावाली लालपुर एवं रायसी में बाणगंगा नदी के निकट खनन करते रहते हैं। इतना ही वे नदियों के साथ-साथ किसानों के खेतों से भी खनन से बाज नहीं आ रहे हैं। ग्रामीण सीटू चौधरी, मनोज चौहान और चंद्रभान सिंह आदि का कहना है कि खनन माफिया की पुलिस और प्रशासन से शिकायत की जाती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। उधर, एसडीएम सोहन सिंह का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई की जाती है। अवैध खनन करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।