गश्ती दल को देखते ही खनन माफिया शिवराजपुर ट्यूबवेल के पास ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़े कर फरार हो गए। इसके बाद वन कर्मी ट्रैक्टर-ट्रालियों को कब्जे में ले ही रहे थे कि ब्रजमोहन, रूपानंद और विवेक कुकरेती निवासी पदमपुर सुखरौ और 10 अज्ञात लोगों ने वन आरक्षी जगवीर सिंह और वन दरोगा याकूब अली (जिनके पास डिप्टी रेंजर का भी चार्ज है) के साथ मारपीट शुरू कर दी।
घटना का वीडियो बनाने पर खनन माफियाओं ने याकूब अली का स्मार्ट फोन भी तोड़ दिया। इस दौरान जब रेंजर नौटियाल उन्हें बचाने आए तो उनसे भी अभद्रता की गई। नौटियाल की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने तीन नामजद और 10 अज्ञात के खिलाफ राजकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, लोक सेवकों के साथ मारपीट व अभद्रता करने और राजकीय संपत्ति की चोरी समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। एक नामजद ब्रजमोहन को हिरासत में लेकर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।