फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मन ही मनुष्यों के बंधन और मुक्ति का कारण : ममगाईं

विज्ञापन
विज्ञापन
देहरादून। देहराखास स्थित टीएचडीसी कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण में दूसरे दिन मन के संकल्प के बारे में बताया गया। आचार्य शिवप्रसाद ममगाईं ने कहा कि मन ही मनुष्य के बंधन और मुक्ति का कारण है। यदि आप मन को वश में कर लें तो वह कुछ नहीं कर सकता। आप इस जड़ मन को चाहे सुमार्ग पर चलाएं या कुमार्ग पर, यह आपके अधीन हैं। उन्होंने कहा कि बिना जीव की इच्छा के मन में संकल्प नहीं हो सकते। इसलिए मन को वश में करना व्यक्ति के अधीन है। मन के संकल्प ऐसे हों जो व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए हितकारी बने। शिव संकल्प मन मानव को उठाता है और अशिवसंकल्प मन मानव को गिराता है। इस अवसर पर मीरा कुकरेती, गणेश कुकरेती, उमेश, अंजू शर्मा, संगीता शर्मा, लता शर्मा, राधा थपलियाल, अरविंद शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें