एक निजी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर से 6.50 लाख रुपये ठगने वाले मेवात के शातिर ठग को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। ठग ने खुद को आर्मी का जवान बताकर ओएलएक्स पर कार बेचने का झांसा देकर यह ठगी की थी। आरोपी को गुरुग्राम हरियाणा से दबोचा गया है। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि प्रोफेसर सुहील कुमार निवासी हर्रावाला ने शिकायत में बताया था कि उन्होंने ओएलएक्स पर एक आल्टो कार देखी थी। पोस्ट पर दिए नंबर पर जब उन्होंने संपर्क किया तो कॉल उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को सेना में हवलदार गोपाल कृष्ण शिखर बताया। बताया था कि वह आगरा कैंट में तैनात है और उसका ट्रांसफर हो रहा है इसलिए वह अपनी कार बेचना चाहता है। दोनों के बीच 1.10 लाख रुपये में डील हो गई। ठग ने एडवांस में पांच हजार रुपये मांगे। यह रकम प्रोफेसर ने उसके खाते में जमा करा दी।
इसके बाद इंश्योरेंस रिन्यू कराने के लिए 16.50 हजार रुपये और ट्रांसपोर्ट के लिए 28.50 हजार रुपये अलग-अलग तारीख पर ठग ने अपने खाते में जमा करवाई। इसके बाद आरसी ट्रांसफर के नाम पर 50 हजार जमा करा लिए।
अलग-अलग बात के लिए उसने अपने खातों में कुल साढ़े छह लाख रुपये जमा करा लिए। शिकायत मिलने पर मोबाइल नंबर और खातों की जांच के आधार पर पुलिस मेवात तक पहुंच गई। एसटीएफ को पता चला कि ठगी करने वाला आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम आने वाला है। जिसके बाद एक सिनेमा हॉल के बाहर से एसटीएफ ने वसीम अकरम निवासी पथराली, मेवात हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से चार मोबाइल फोन, तीन डेबिट कार्ड, पांच सिम और अन्य चीजें बरामद हुई हैं।
14 नंबरों का इस्तेमाल कर ठग चुका दो हजार लोगों को आरोपी वसीम ने देशभर में इस तरह की ठगी को अंजाम दिया है। इसके लिए वह 14 मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर चुका है। इन नंबरों के खिलाफ देशभर में दो हजार से भी अधिक शिकायतें हैं।