स्थानीय लोगों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकराता में ओपीडी और वेंटिलेटर की मांग को लेकर तहसीलदार के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन भेजा। इसमें कहा है कि पीएचसी चकराता की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। इस पीएचसी का 365 गांवों और 39 खतों की आबादी को लाभ मिलता है। लेकिन, यहां ओपीडी और वेंटिलेटर न होने के कारण आपातकाल में दिक्कत हो जाती है।
लोगों ने ज्ञापन में लिखा है कि पीएचसी चकराता में छह वर्षों से क्षेत्र के लोग ओपीडी और वेंटिलेटर की सुविधा की मांग कर रहे हैं। लेकिन, शासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस गंभीर समस्या के कारण कई मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। मरीज को ऑपरेशन या गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए चकराता से देहरादून जाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें 150 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
लोगों ने कहा कि ओपीडी और वेंटिलेटर जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता के बिना क्षेत्रीय जनता की स्वास्थ्य समस्याएं और भी गंभीर हो रही हैं। कहा कि अगर उनकी इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो उन्हें धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व प्रधान केसर सिंह चौहान, नैन सिंह, महिपाल, बिजेंद्र रावत, हंसराम चौहान, सूरज प्रकाश, गुलाब सिंह, दीवान सिंह आदि शामिल रहे।