एमडीडीए में नए बायलॉज और मास्टर प्लान को लेकर शहर के आर्किंटेक्ट्स और ड्राफ्ट्समैन के साथ बैठक की। इस दौरान सभी ने बायलॉज में संशोधन पर विचार रखते हुए कहा, बायलाॅज में बार-बार बदलाव न किया जाए। इससे भवनस्वामियों को काफी समस्या होती हैं। बैठक में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट उत्तराखंड चैप्टर ने ग्रुप हाउसिंग में शेल्टर फंड की व्यवस्था लागू करने, 25 फीट चौड़ी सड़क पर तीन मंजिला भवन बनाने की अनुमति देने और 500 मीटर प्लाट एरिया पर ग्रुप हाउसिंग को मान्य करने की मांग की। उन्होंने कहा, कंपाउंडिंग फीस बेहद ज्यादा है। ऐसे में इसे कम करते हुए ओटीएस स्कीम लागू की जाए।
आर्किटेक्ट सचिन अग्रवाल और ब्रिज पंजवानी ने कहा, ग्रुप हाउसिंग में ईडब्ल्यूएस आवासों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। पहले ग्रुप हाउसिंग में शेल्टर फंड देकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए अलग आवासों का विकल्प था। अब ग्रुप हाउसिंग में ही ईडब्ल्यूएस आवास बनाने का प्रावधान कर दिया है। इससे शेल्टर फंड की व्यवस्था खत्म हो गई और बिल्डर आर्थिक कमजोर लोगों के आवासों को लेकर बेपरवाह हो गए हैं। ऐसे में ग्रुप हाउसिंग में ईडब्ल्यूएस के लिए शेल्टर फंड की व्यवस्था को लागू किया जाए।
कई एरिया फ्रीज, जमा नहीं होते नक्शे
आर्किटेक्ट गिरधारी अरोड़ा ने कहा कि दून के कई इलाकों को फ्रीज किया गया है। इनमें रायपुर, बालावाला, नथोवाला आदि क्षेत्र हैं। इन इलाकों के नक्शे जमा नहीं होते हैं। ऐसे में इन इलाकों में लोग बगैर नक्शे के मकान बनाने को मजबूर हैं।
सौ मीटर दूर फिर भी एनओसी
बैठक में सुशील नैथानी ने कहा अगर भूमिस्वामी की जमीन वन विभाग की जमीन से 100 या 50 मीटर दूर है, तो भी नक्शा पास नहीं किया जाता। एमडीडीए की ओर से वन विभाग की एनओसी मांगी जाती है। एनओसी मिलने में देरी पर नक्शा अस्वीकृत कर दिया जाता है। इस पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि एफिडेविट देकर नक्शा पास कराया जा सकता है।
पार्किंग में 9 फीट की ऊंचाई की जाए मान्य
बैठक में यह बात भी सामने आई कि ग्राउंड पार्किंग में आठ फीट की ऊंचाई मान्य है, इसमें बीम भी शामिल है। इससे पार्किंग की ऊंचाई कम हो जाती है। एसयूवी गाड़ियों को इससे काफी दिक्कत होती है। मांग की गई कि पार्किंग में 9 फीट की ऊंचाई मान्य की जाए।
दस फीट का हो एक रैंप
सरबजीत कटारिया बायलाॅज में एक हजार मीटर तक के प्लाॅट में 14 फीट के दो रैंप या 23 फीट का एक रैंप बनाने की बात की गई है, यह अव्यवहारिक है। इस प्लाॅट एरिया में 10 फीट का एक रैंप बनाने की अनुमति दी जाए। यह इस साइज के प्लाॅट एरिया के लिए भरपूर है।
वर्ष 2016 में विकास प्राधिकरण में मैंने ग्रुप हाउसिंग के लिए शेल्टर फंड की व्यवस्था बनाई थी। नए बदलावों में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में ही ईडब्ल्यूएस के लिए आवास बनाने की व्यवस्था की गई है, प्रयास किया जाएगा कि शेल्टर फंड की व्यवस्था को अमल में लाया जाए।
- बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीए