राजकीय मेडिकल कालेज में रैगिंग का मामला नया नहीं है। मेडिकल कालेज में लगातार रैगिंग की शिकायतें आती रहीं हैं। वरिष्ठ छात्रों के कनिष्ठ छात्रों से अभद्र व्यवहार की बात भी सामने आती रही है।
सूत्रों की मानें तो राजकीय मेडिकल कालेज में सुबह जूनियर छात्र सिर नीचे करके निकलते हैं। उन्हें एक लाइन बनाकर भी चलना पड़ता है। छात्राओं को चोटी बांधने और छात्रों को छोटे बाल रखने को कहा जाता है।
किसी भी छात्र के शर्ट का बटन खुले होने पर उसे वरिष्ठ छात्रों की नाराजगी का सामना करना पड़ता है। कनिष्ठ छात्रों से कई बार वरिष्ठ छात्र अपने निजी काम भी कराते हैं। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने कहा कि शिकायत करने के लिए लेटर बाक्स लगाए गए थे मगर किसी ने शिकायत नहीं की।
20 महीने में दर्ज हो चुकी हैं 43 शिकायतें
हल्द्वानी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रदेश रैगिंग का मामला थम नहीं रहा है। प्रदेश के विभिन्न कालेजों में जनवरी 17 से अक्तूबर 2018 तक रैगिंग के 43 शिकायतें दर्ज हो चुके हैं। ये सभी शिकायतें यूजीसी की वेबसाइट पर की गई हैं।