बरसात में हुए नुकसान का आंकलन और व्यवस्थाओं को परखने के लिए जिलाधिकारी सोनिका ने बृहस्पतिवार को आपदा प्रबंधन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जनपद में बरसात से हुए नुकसान की जानकारी ली।
आपदा केंद्र की ओर से बताया गया कि बारिश से सर्वाधिक नुकसान कालसी तहसील क्षेत्र में हुआ। यहां अतिवृष्टि से तीन लोगों की मौत हुई, जबकि तीन लोग घायल हुए। चार पशुओं का भी नुकसान हुआ। बीस घर भी क्षतिग्रस्त हो गए। कालसी में कुल 12 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इसका मुआवजा लोगों को दे दिया गया है।
कालसी के बाद सर्वाधिक नुकसान चकराता क्षेत्र में हुआ। यहां कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पांच घर बरसात में ढ़ह गए। इससे पांच लाख से अधिक का नुकसान हो गया, वहीं घर से पानी घुसने से हजारों रुपये का सामान बर्बाद हो गया। मुआवजे के तौर पर चार लाख 35 हजार रुपए लोगों को दिए जा चुके हैं। इसके अलावा देहरादून में 165000 रुपये, त्यूणी में 65000, विकासनगर में 177000 रुपए मुआवजे के तौर पर दिए जा चुके हैं।
एसडीएम अपने स्तर से लें विद्यालयों की छुट्टी का निर्णय
डीएम ने एसडीएम एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग कर राहत एवं बचाव कार्य में गति लाने को कहा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने क्षेत्र से संबंधित सड़क अवरुद्ध होने पर तत्काल आपदा प्रबंधन केंद्र के कंट्रोल रूम एवं पुलिस को सूचना दें, फंसे लोगों की वैकल्पिक रूट से आवागमन की व्यवस्था की जा सके। सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए कि क्षेत्र की वस्तुस्थिति के अनुसार विद्यालयों की छुट्टी का निर्णय अपने स्तर पर लें। इस मौके पर एडीएम वित्त एवं राजस्व रामजीशरण शर्मा, सहायक निदेशक सूचना बद्री चंद नेगी, आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपशिखा रावत आदि मौजूद थे।