पुलिस जांच में यह भी सामने निकलकर आया कि डागर ने अपने दोनों दोस्तों के साथ मिलकर एटीएम क्लोनिंग के जरिए लेह, कश्मीर, गोवा, दिल्ली, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में एटीएम से मोटी रकम निकाली थी।
इस मामले में उसे करीब तीन साल पूर्व लेह पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लेकिन कुछ माह बाद ही वह जमानत पर बाहर आ गया था। इसके बाद इसी साल 11 जनवरी को वह अपने दोनों दोस्तों विविन व अजय के साथ कार से दिल्ली कैंट इलाके में जा रहा था। यहां एक सिपाही ने कार को रोकने का प्रयास किया था तो इन्होंने फायरिंग कर दी थी।
इसके बाद तीनों कार छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने कार से आईपी कैमरा, फर्जी एटीएम कार्ड, एटीएम स्लिप्स, पिस्तौल और कारतूस बरामद किए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तीनों को आठ फरवरी को गोवा से गिरफ्तार किया था। अब डागर की फरारी के बाद उत्तराखंड पुलिस उसके परिवार व दोनों दोस्तों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई प्रदेशों की पुलिस को उसके फरार होने की जानकारी दी है।
फरार आरोपी प्रवीण डागर को पकड़ने के लिए कई पुलिस टीम लगाई गई हैं। उसके खिलाफ एटीएम क्लोनिंग के जरिए एटीएम से रुपये निकालने के दूसरे प्रदेशों में कई मामले दर्ज हैं। उसे जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
- रिधिम अग्रवाल, एसएसपी