उत्तरांचल विश्वविद्यालय और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से विश्वविद्यालय में 23वां कारगिल विजय दिवस बड़े जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। कुलाधिपति जितेंद्र जोशी समेत शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राओं और अमर उजाला परिवार की ओर से विवि की शौर्य दीवार पर लगे परमवीर चक्र विजेताओं के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
विवि के उपकुलपति डॉ. राजेश बहुगुणा ने कारगिल युद्ध की वीरगाथा का वर्णन करते हुए कहा कि 10,800 फिट की ऊंचाई पर अति विषम परिस्थितियों में लड़े गए इस युद्ध में भारतीय सेना के साथ वहां बसे चरवाहों ने भी अहम भूूमिका निभाई। इस युद्ध में देश के 527 वीर जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और शहीद हुए। इससे पूर्व विवि की शौर्य दीवार पर परमवीर चक्र विजेताओं के चित्रों पर पुष्पांजलि देकर शहीदों को नमन करते हुए मौजूद लोग देश भक्ति की भावना से ओतप्रोत नजर आए। लोगों ने कारगिल के शहीद अमर रहें, मरणोपरांत परमवीर चक्र पाने वाले कैप्टन विक्रम बत्रा व लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय अमर रहे, ग्रिनेडियर योगेंद्र सिंह यादव, राइफलमैन संजय कुमार जिंदाबाद व भारत माता की जय से सारा वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के आयोजन में विश्वविद्यालय की एनसीसी विंग व लॉ कॉलेज देहरादून का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शहीदों को श्रद्धांजलि देने वालों में कुलाधिपति जोशी के अलावा कुलपति प्रो. धर्मबुद्धि, उपाध्यक्ष प्रो. सतवीर सिंह सहगल, उपकुलपति डॉ. राजेश बहुगुणा, निदेशक डॉ. अभिषेक जोशी, रजिस्ट्रार एससी शर्मा, डॉ. प्रदीप सूरी, डॉ. अजय सिंह, डॉ. एसडी पांडेय, डॉ. पूनम रावत, अभिरंजन दीक्षित, नितिन डुकलान, सर्वेेश्वर प्रसाद आदि मौजूद थे।