छेड़खानी की घटनाओं के विरोध में हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़क पर आ गए और मुख्य बाजार को बंद करा दिया। आक्रोश को देखते बाजार में दिनभर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। लोगों ने दोषियों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। दोपहर बाद कोतवाली में एसपी देहात कमलेश उपाध्याय के साथ हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद मामला शांत हुआ।
बीते बुधवार की देर शाम को दो सगी बहनों से हुई छेड़खानी के विरोध में समुदाय विशेष और हिंदू संगठनों के लोग आमने सामने आ गए थे। जिससे बाजार में तनाव की स्थिति उत्पन्न गई थी। पुलिस प्रशासन ने किसी तरह स्थिति को संभाला था। बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे रुद्र सेना, वैदिक मिशन, विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल, प्रतिष्ठा सेवा समिति से जुड़े लोग बाजार में जमा हो गए। विरोध में उन्होंने बाजार में दुकानें बंद करानी शुरू कर दी।
पुलिस कर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। लोगों ने टोलिया बनाकर मुख्य बाजार के साथ ही सिनेमा गली, अस्पताल रोड आदि जगहों पर दुकानों को बंद कराया। मौके पर एसडीएम विनोद कुमार, सीओ भाष्कर शाह, कोतवाली प्रभारी संजय कुमार और आसपास के थानों का भारी पुलिस बल मौजूद रहा। हालांकि दवाओं और आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को बंद से अलग रखा गया।
रुद्र सेना के संस्थापक राकेश तोमर उत्तराखंडी ने कहा कि बाहर से आए समुदाय विशेष के लोग क्षेत्र में अशांति फैला रहे हैं। ऐसे लोगों का सत्यापन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लव जिहाद और छेड़खानी की घटनाओं के समर्थन में भी समुदाय विशेष के कुछ लोग आकर माहौल को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
वैदिक मिशन के संस्थापक जगवीर सैनी ने कहा कि पहले ढकरानी और अब विकासनगर में समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। सनातन धर्म के खिलाफ रचे जा रहे षडयंत्र की चिंताओं से एसपी देहात, एसडीएम और सीओ को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों का सत्यापन कर उन्हें मूल स्थान पर भेजा जाए। कार्रवाई न होने पर हिंदू संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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बयान....
सभी से सामंजस्य के साथ रहने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है। माहौल बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा। - कमलेश उपाध्याय, एसपी देहात