पूर्व राज्यसभा सांसद मनोरमा डोबरियाल शर्मा के जन्म दिवस पर नारायण वंदना व नारायण सेवा के लिए जूते की मरम्मत करने वाले होरीलाल को उनकी श्रम साधना के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सड़क से संसद पहुंची दिवंगत मनोरमा डोबरियाल शर्मा का इससे बड़ा सम्मान और श्रद्धांजलि नहीं हो सकती।
हरीश रावत ने कहा कि दिवंगत पूर्व सांसद मनोरमा उत्तराखंड की प्रथम महिला मेयर बनी थी। राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद उन्होंने अपने अल्पकाल में राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों को राज्यसभा में जोरदार ढंग से उठाया। महिलाओं को संगठित करने में व राज्य की समस्याओं के संघर्ष के प्रतीक के रूप में उनको जाना जाता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने मनोरमा डोबरियाल शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य में नियुक्तियों को लेकर मचे घमासान पर कहा कि जिस पवित्र मंदिर विस से जनभावनाओं को पूरा करने की धारा निकलनी चाहिए थी, वह अपवित्र हो चुकी है।
कहा कि युवाओं के सपनों को राजनीतिक नेताओं ने जिस प्रकार से रौंदा है, उससे शहीदों के सपने अधूरे रह गए हैं। उन्होंने नियुक्तियों की हाईकोर्ट के जज से जांच कराने की मांग की। कार्यक्रम के आयोजनकर्ता आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने कहा कि दिवंगत पूर्व सांसद मनोरमा बेशक आज हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन उनके सपनों को पूरा करने का काम हम करेंगे। इस मौके पर सीपीएम सुरेंद्र सिंह सजवाण, समर भंडारी, जगदीश कुकरेती, जगमोहन मेहंदीरत्ता, डॉ. एसके गोविल, सुनील कुमार बांगा आदि मौजूद रहे।