पड़ोस में रहने वाली नौ साल की मासूम से दुष्कर्म करने के आरोपी को स्पेशल फास्ट ट्रैक जज पंकज तोमर की कोर्ट ने 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर अलग-अलग धाराओं में 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस जुर्माने की राशि में से 45 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। दोषी को न्यायालय परिसर से हिरासत में लेने के बाद जेल भेज दिया गया है।
घटना विकासनगर कोतवाली क्षेत्र का है। शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता की मां ने 19 अगस्त 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था। मां का कहना था कि वह 18 अगस्त को अपने पति के साथ बाजार गई थीं। घर में उनके चार बच्चे थे। इनकी देखभाल के लिए वह अपने पड़ोसी को कहकर गईं थीं। बाजार से जब वह लौटकर आई तो पड़ोसी ने उन्हें बताया कि उनकी नौ साल की बेटी के साथ पड़ोस में रहने वाले सुमित लखवाल ने गलत काम किया। सुमित को पकड़ने की कोशिश की तो वह भाग गया।
पीड़िता ने भी अपने साथ हुई इस हरकत को अपनी मां को बताया। पीड़िता को सुमित ने जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस शिकायत के आधार पर विकासनगर कोतवाली पुलिस ने जांच की और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पीड़िता के मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इस मुकदमे में अभियोजन की ओर से कुल छह गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दुष्कर्म में 20 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि, जान से मारने की धमकी देने के दोष में उसे एक साल कैद सुनाते हुए दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। कुल जुर्माना 52 हजार रुपये अदा करना होगा।
चिल्ला रही थी पीड़िता...चाचा छोड़ दो मुझे
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि पीड़िता सुमित को चाचा कहती थी। उसने कोर्ट को बताया कि वह उस वक्त भी उसे चाचा ही कह रही थी। उससे कई बार कहा कि चाचा मुझे छोड़ दो छोड़ दो। मगर, उसने मेरा मुंह दबा लिया। जब पड़ोस की अंकल और आंटी आई तो वह वहां से भाग गया।