विश्व मृदा दिवस पर मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून ने विकासखंड कालसी के फटेऊ गांव में जल संरक्षण के साथ ही उन्नत खेती के प्रति किसानों को जागरूक किया। वैज्ञानिकों ने किसानों को समय-समय पर मिट्टी की जांच कराने की सलाह दी।
निदेशक डॉ. एम मधु ने कहा कि जौनसार बाबर जनजातीय क्षेत्र में कृषि की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उच्च तकनीक को अपनाने की सलाह दी। विभागाध्यक्ष एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. धर्मवीर सिंह ने कहा कि मृदा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समय समय पर इसकी जांच जरूरी है। मत्स्य विज्ञान एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति उपयोजना के समन्वयक डाॅ. एम मुग्रानंद ने किसानों को कृषि के साथ-साथ मछली पालन की बात कही। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रमन जीत सिंह ने मृदा एवं जल संरक्षण की विधियों को अपनाने की बात कही। इस मौके पर स्याणा चंदन सिंह चौहान, आंगनबाड़ी कार्यकत्रा सुनीता चौहान को सम्मानित किया गया। इस मौके पर डॉ. उदय मंडल, डॉ. अभिमन्यु झाझडिया, डॉ. राकेश कुमार, प्रधान अनील तोमर, कमल किशोर, प्रेम सिंह चौहान मौजूद रहे।