सूचना के आधार पर पुलिस ने कलश मंडप के पास दबिश देकर यूनुस और जलीस के साथ ही सुपारी देने वाले लवकुश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन तमंचे, छह कारतूस और 16 हजार की नकदी बरामद कर ली। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि सुपारी की शेष रकम चुकता करने के लिए लवकुश ने अपनी मां के खाते से 1.50 लाख रुपये निकाले थे। पुलिस ने उसके घर से उक्त रकम भी बरामद कर ली है।
फरार मोअज्जम की तलाश की जा रही है। सभी पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। सीओ राजेश भट्ट ने मामले में एसटीएफ टीम का विशेष योगदान रहा। टीम में कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई राजेश यादव, बीएस बिष्ट, दिनेश फर्त्याल, पीडी जोशी, कांस्टेबिल कुलदीप, देवेंद्र नेगी, सतीश भट्ट, मनोज कोहली, दीवान सिंह आदि थे।
मुंशी की हत्या की सुपारी लेने वाले दोनों बदमाश यूनुस और जलीस पूर्व में हत्या के आरोप में जेल जा चुके हैं। महेशपुरा निवासी यूनुस वर्ष 2012 में महेशपुरा निवासी जगीरा हत्याकांड में गिरफ्तार हुआ था। इससे पहले वह वर्ष 2001 में ग्राम बाबरखेड़ा में हुई हत्या की वारदात में भी जेल जा चुका है। दूसरा आरोपी मोहल्ला अल्ली खां निवासी जलीस 11 अप्रैल 2017 को कर्बला मैदान में हुई सलाहउद्दीन की हत्या के आरोप में जेल जा चुका है। उसने जुनैद के साथ मिलकर सलाहउद्दीन की हत्या की थी।