शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रक्षाबंधन का त्योहार उत्साह के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों को तिलक कर उनकी लंबी आयु की कामना की। वहीं भाइयों ने भी बहनों को उनकी रक्षा और हर विकट परिस्थिति में साथ निभाने का वचन दिया। बहनों ने भाइयों को तरह-तरह की मिठाइयां और अपने हाथ के बने पकवान खिलाए।
बृहस्पतिवार सुबह बसों और टैक्सियों में खासी भीड़ रही है। विवाहित और बाहर पढ़ाई कर रही बहनें सुबह राखी बांधने के लिए भाई के घर पहुंच गई। वहीं कई बहने रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर ही भाई के घर पहुंच चुकी थी। कई भाई भी छुट्टी लेकर बहन से रक्षा सूत्र बंधवाने के लिए उनके घर पहुंचे थे।
सुबह से भाइयों के पूजन और राखी बांधने का सिलसिला शुरू हो गया था। हालांकि कई बहनों ने ज्यातिषाचार्यों और पंडितों से पूछने के बाद शुभ मुहूर्त के अनुसार भाइयों का तिलक कर राखी बांधी।
वही छोटे बच्चों में रक्षा बंधन को लेकर खासा उत्साह रहा। भाई-बहन आपस में राखी बांधने को लेकर एक-दूसरे की खूब चुटकी ले रहे थे। भाई और बहन एक दूसरे से रूठ कर बैठ भी गए। परिवारजनों के मनाने पर राखी बंधवाई तो फिर से एक हो गए। वहीं दिनभर भाभियां भी ननदों की खातिरदार में जुटी रही है। भाभियों ने ननदों के लिए लजीज पकवान और मिष्ठान बनवाए। शाम तक राखी बांधने और बंधवाने का सिलसिला चलता रहा।