सोलानीपुरम निवासी दिनेश कुमार ने सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि दो साल पहले उनकी मुलाकात कासमपुर थाना बाबरी जिला शामली निवासी रमन कुमार से हुई थी। रमन ने बताया था कि उसने इंटरनेट कंपनी बना रखी है। इसमें बिटकॉइन, रियल स्टेट के जरिये ट्रेडिंग की जाती है।
दिनेश कुमार को लालच दिया गया था कि यदि वह उसकी कंपनी में पैसा लगाता है तो उसे करीब ढाई गुना मुनाफा होगा। इस पर उसने वर्ष 2017 में करीब आठ लाख रुपये कंपनी में लगा दिए।
वहीं, अन्य परिचित पंकज निवासी रुड़की के आठ लाख, चंचल निवासी रुड़की के छह लाख, संगीता निवासी रुड़की के चार लाख 86 हजार, पुनीत बिरला निवासी रुड़की के चार लाख 86 लाख, नितिन चौधरी निवासी रुड़की के 14 लाख 50 हजार, बन्नी शर्मा निवासी रुड़की के तीन लाख, आदिल निवासी रुड़की के दो लाख, सावन निवासी रुड़की के दो लाख 47 हजार, अब्बास निवासी सहारनपुर के 18 लाख, प्रतिभा निवासी सहारनपुर के नौ लाख, बृजमोहन निवासी सहारनपुर के नौ लाख, शिखा निवासी सहारनपुर के पांच, रितेश निवासी रुड़की के 10 लाख, पंकज कुमार निवासी टिहरी के 15 लाख, आशीष सोनी निवासी देहरादून के सात लाख 50 हजार समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों के एक करोड़ से अधिक रुपये कंपनी में लगवा दिए।
आरोप है कि रामकुमार के भाई हर्ष कुमार ने पांच-छह माह बाद ही कंपनी की वेबसाइट बदल दी। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों की ओर से लोगों के पैसे वापस नहीं किए जा रहे हैं। कोतवाल अमरजीत सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर कंपनी मालिक रामकुमार पुत्र जगपाल, हर्ष कुमार पुत्र जगपाल, जगपाल पुत्र नामालूम के खिलाफ ठगी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।