देहरादून। शिव शक्ति मंदिर सरस्वती विहार अजबपुर खुर्द में शिव महापुराण कथा का दूसरे दिन आचार्य महामाया प्रसाद ने सावन मास में कथा श्रवण का महत्व बताया। आचार्य महामाया प्रसाद ने कहा कि श्रावण मास का अर्थ सुनने से है। इस मास में भगवान शिव का गुणगान सुनने का विशेष महत्व है। उन्होंने देवराज, विंदुग और चंचला का दृष्टांत दिया। आचार्य ने बताया कि बड़े से बड़ा पापी भी एक बार कथा सुनकर शिव धाम को प्राप्त होता है। उन्होंने भक्तों से सात्विक भोजन करने का आग्रह किया। साथ ही, काम, क्रोध, लोभ जैसे विकारों को त्याग कर शिव भक्ति करने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान पूजा और रुद्राभिषेक भी संपन्न हुआ। इसमें भक्तों के साथ समिति के पदाधिकारी भी शामिल हुए।