फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: इकराम हत्याकांड में तीन लोगों को आजीवन कारावास, ऐसे दिया था वारदात को अंजाम

Mon, 29 Oct 2018 08:22 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुद्रपुर
विज्ञापन
jail
विज्ञापन

साढ़े तीन साल पहले किच्छा में हुई युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया है। आठ जनवरी 2015 को भोजीपुरा बरेली निवासी साबिर खान ने किच्छा कोतवाली में अपने साले किच्छा के अलीनगर निवासी अपने साले इकराम की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में कहा था कि छह जनवरी की सुबह इकराम के मोबाइल पर गांव के ही नबी शेर का फोन आया।

विज्ञापन


उसने किसी काम के लिए इकराम को अपने घर बुलाया। इस पर वह चला गया। जब काफी देर तक नहीं लौटा तो साबिर अपने साथ ताबीर अहमद को लेकर नबी शेर के घर पहुंच गया। यहां नबी शेर, जमील अहमद और बशीरुद्दीन इकराम को लाठी डंडों से पीट रहे थे। उन्हें देखने के बाद तीनों आरोपी वहां से भाग निकले। गंभीर रूप से घायल इकराम को अस्पताल ले जाया गया और फिर हल्द्वानी रेफर कर दिया गया।

आठ जनवरी 2015 को इकराम ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। दो आरोपियों नबी शेर और बशीरुद्दीन को पुलिस ने 15 जनवरी 2015 को गिरफ्तार कर लिया जबकि जमील अहमद को छह फरवरी 2015 को जेल भेजा गया था। मामले की सुनवाई जिला जज की अदालत में हुई।
विज्ञापन


जिला शासकीय अधिवक्ता नंदन सिंह धामी ने मामले में 11 गवाह और सबूत पेश किए। जिला जज एचएस बोनाल ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों नबी शेर, जमील अहमद और बशीरुद्दीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें