दून अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही
मार्च और अप्रैल में 12 दिन के अंतराल पर दो भ्रूण दून अस्पताल के नजदीक पड़े मिले थे। एक भ्रूण पर अस्पताल का टैग भी लगा था। इस मामले में अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। अगर किसी ने गर्भपात करवाया है तो वह भ्रूण को लेकर बाहर कैसे आ सकता है।
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17 बच्चों को विदेश में मिली मां की गोद
आंकड़ों के मुताबिक 2016 से 2023 तक देहरादून में मिले 73 बच्चों को सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) के तहत भारत और विदेश में मां की गोद दिलवाई गई। इनमें 17 बच्चे विदेश गए और 56 बच्चे भारत में ही गोद दिए गए हैं।
पिछले तीन महीने में मिले नवजात और भ्रूण
-26 फरवरी : मसूरी में सड़क किनारे कंबल में लिपटी मिली थी बच्ची।
-22 मार्च : विकासनगर के उप जिला अस्पताल के बाथरूम में एक मां बच्ची को जन्म देकर फरार हो गई थी।
-22 मार्च : दून अस्पताल के पास झाड़ियों में एक विकसित भ्रूण मिला था। इस पर अस्पताल का टैग लगा था। यह भ्रूण लड़की का था।
-3 अप्रैल : दून अस्पताल के बाहर झाड़ियों में एक अविकसित भ्रूण मिला था।