शिक्षा विभाग में नियुक्तियों की जांच में जसपुर के सहायक अध्यापक की हाईस्कूल और इंटर की मार्कशीट जांच में फर्जी पाई गई है।
यूपी के धामपुर कॉलेज और माध्यमिक शिक्षा परिषद ने आरोपी के प्रमाणपत्रों को नकार दिया है। एसआईटी ने शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति की है। वहीं, ऊधमसिंह नगर का दूसरा शिक्षक जाति प्रमाण पत्र को लेकर शक के दायरे में है।
ऊधमसिंह नगर जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जसपुर के सहायक अध्यापक हरगोविंद सिंह की मार्कशीट अमान्य होने की शिकायत एसआईटी को मिली थी। हरगोविंद सिंह ने धामपुर के केएम इंटर कॉलेज से 1994 में हाईस्कूल और 1996 में इंटर पास के प्रमाण पत्र नियुक्ति के समय जमा कराए थे।
एसआईटी की टीम ने धामपुर कॉलेज पहुंचकर हरगोविंद सिंह के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया। कॉलेज तंत्र ने रिकार्ड का अवलोकन कर लिखित में जवाब दिया कि उक्त दोनों वर्षों में हर गोविंद सिंह नाम का कोई परीक्षार्थी नहीं था।
एसआईटी की जांच में अब तक 15 शिक्षकाें की डिग्री अमान्य
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प्रमाणपत्रों को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद के रीजनल आफिस से संपर्क किया गया। परिषद ने हरगोविंद के प्रमाण पत्रों पर जो अनुक्रमांक दर्ज है, उसे कभी आवंटित न करने की बात कही।
एसआईटी प्रभारी और सीबीसीआईडी की अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने बताया कि जांच में मार्कशीट पूरी तरह फर्जी पाई गई हैं। सहायक अध्यापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति की जा रही है।
15 शिक्षकों के खिलाफ डिग्री अमान्य
एसआईटी की जांच में अब तक 15 शिक्षकाें की डिग्री अमान्य पाई जा चुकी है, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें हरिद्वार जिले के सात शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा हर्रावाला के सावित्री देवी जूनियर हाईस्कूल के चार शिक्षकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई है।