दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से कवयित्री सिद्धि भंडारी के कविता संग्रह नेवर एंडिंग फिक्शन पुस्तक का रविवार को लोकार्पण किया गया। साहित्यकारों ने कहा कि कविता मात्र शब्दों का जाल नहीं है वह तो कल आज और कल का प्रतिबिंब बन जाती है। समारोह में बतौर वक्ता साहित्यकार व शिक्षक मनोहर चमोली मनु ने कहा लेखन का मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और व्यक्तित्व के विकास में सीधा असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस संग्रह में कवयित्री की 20 कविताएं हैं। इस अवसर पर विजय भट्ट, जेपी मैठाणी, मोहन चौहान, तूलिका चौहान, आरपी विशाल, स्वीटी शर्मा, जगदीश सिंह, राकेश कुमार, वीके डोभाल आदि उपस्थित रहे।