जौनसार बावर क्षेत्र में बारिश के बाद चटक धूप खिलते ही गांव भू-धंसाव की जद में आ रहे हैं। खमरौली, ककाडी, लखवाड़ के बाद अब लेल्टा, मलोऊ और पजिटीलानी में भू-धंसाव से स्थानीय ग्रामीण खतरे में हैं। ग्रामीणों के मकानों के फर्श और दीवारों पर दरारें आ गई है। ग्रामीण मकानों के ढहने के डर के चलते रतजगा कर रहे हैं।
बारिश के चलते इस बार जौनसार क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। पजिटीलानी में 12 मकानों में फर्श और दीवारों पर दरारें आई है। गांव के दोनों ओर भू-धंसाव से जमीन बैठ गई है। यही हाल मलोऊ गांव का है। यहां करीब 25 परिवार निवास करते हैं, जिसमें से 10 परिवारों के मकानों में भू-धंसाव के चलते दरारें आ गई हैं। गांव के नीचे खड्ड है। अगर भू-धंसाव जारी रहता है तो पूरा गांव उसकी चपेट में आ सकता है।
वर्ष 2013-14 में गांव के रहने वाले कल सिंह का एक मकान भू-धंसाव के कारण जमींदोज हो चुका है। वही दूसरी ओर टिपोऊ गांव में 30 परिवार निवास करते हैं। यहां पजिटीलानी चंदोऊ मोटर मार्ग के पुस्ते और तारजाल टूटने से गांव के लिए खतरा पैदा हो गया है। इसमें भू-धंसाव के चलते चेतराम शर्मा सहित सात परिवारों के मकानों में दरारें आई हैं और मकान गिरने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
यही हाल लेल्टा गांव का भी है। गांव में 80 परिवार निवास करते हैं, जिसमें से 12 परिवार मोटर मार्ग पर गांव के नीचे भूमि धंसने से खतरे की जद में है। जबकि छह मकानों के नीचे दरारें पड़ गई है।
ठोस कदम उठाए सरकार
लेल्टा गांव के प्रधान अजब सिंह चौहान, टिपोऊ गांव के चेतराम शर्मा, पजिटीलानी के जीतराम शर्मा और मलोऊ गांव के दीवान सिंह तोमर आदि का कहना है कि सरकार को गांव को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। अब तक गांव का सर्वे भी नहीं हुआ है। कहा कि अगर सुरक्षात्मक उपाय किए गए तो गांव जमींदोज होने से बच सकते हैं। उन्होंने कहा ऐसा न हुआ तो गांव खतरे में पड़ जाएंगे। सभी ने शासन प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
वर्जन
भू-धंसाव से प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। भू-धंसाव का कारण पता करने के लिए भू-वैज्ञानिक जांच के लिए भी जिला प्रशासन को लिखा गया है। - युक्ता मिश्रा, एसडीएम, कालसी
सरकार को शीघ्र इस विषय पर चिंतन करनी चाहिए। यह पता करने की भी आवश्यकता है कि किस कारण से गांव भू-धंसाव के जद में आ रहे हैं। सुरक्षात्मक उपाय और प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग को लेकर वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। - प्रीतम सिंह, स्थानीय विधायक