लोगों को करीब तीन किमी पैदल चलकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा था। उन्होंने जिला प्रशासन से यहां स्थायी समाधान कराने की मांग की। वहीं लोनिवि के अधिशासी अभियंता तनुज कांबोज ने बताया कि काली चट्टान के उपचार का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। बरसात के दौरान यहां मशीनों के साथ पर्याप्त मैनपावर की तैनाती की जाएगी ताकि मार्ग पर यातायात सुचारु बना रहे।