राजधानी में जमीन फर्जीवाड़े के मामले रुक नहीं रहे हैं। अजबपुर खुर्द में एक जमीन को फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दिया गया। मुंबई की रहने वाली प्रतिमा कंसवाल ने नेहरू कॉलोनी में शिकायत दी है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रतिमा ने शिकायत में बताया कि अजबपुर खुर्द स्थित करीब 406 वर्गमीटर भूमि उनके दोनों पुत्रों विनोद और राकेश कंसवाल के नाम दर्ज है। उनका छोटा बेटा राकेश वर्ष 2004 से मुंबई के विरार क्षेत्र से लापता है जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट उसी वर्ष विरार थाने में दर्ज कराई गई थी। कुछ समय पहले प्रदीप सकलानी ने उनके बेटे विनोद से संपर्क कर उक्त जमीन खरीदने की इच्छा जताई। उस समय परिवार ने उसे साफ बताया था कि जमीन दोनों भाइयों के नाम है और एक पुत्र के लापता होने के कारण जमीन बेचना संभव नहीं है।आरोप है कि इसके बाद प्रदीप सकलानी ने खुद ही सिविल कोर्ट में मामला दाखिल कराने और कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही। उसने परिवार से गुमशुदगी की एफआईआर, खतौनी और अन्य दस्तावेज की प्रतियां ले लीं। इसके बाद उसने संपर्क करना बंद कर दिया। बाद में जब परिवार ने भूलेख वेबसाइट पर खतौनी की जांच की तो पता चला कि राकेश कंसवाल को मृत दर्शाकर विरासत में पीड़िता का नाम दर्ज करा दिया गया है। पीड़िता ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत दस्तावेज प्राप्त किए तो कथित तौर पर कई फर्जी प्रमाणपत्र सामने आए। साथ ही आधार कार्ड के पते में भी हेरफेर किया गया और फर्जी गवाह बनाकर दस्तावेज तैयार कराए गए। इन फर्जी दस्तावेज के आधार पर उक्त जमीन को बलबीर भंडारी, दिनेश उनियाल और इंदु उनियाल को बेच दिया गया।बताया गया कि जमीन खरीदने के लिए खरीदारों ने एक बैंक से ऋण भी लिया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस फर्जीवाड़े में प्रदीप सकलानी के साथ उसकी पत्नी संध्या सकलानी, मनोज भंडारी और अजय सजवानी का हाथ है। थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।