फर्जीवाड़े से मृत व्यक्ति की जमीन बेचकर 4.50 करोड़ रुपये हड़पने के आरोप में पुलिस ने एक भू-माफिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पहले भी गैंगस्टर समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। जमीन का सौदा ऋषिकेश के एक कांग्रेस नेता और एक अधिवक्ता ने कराया था। इनके खातों में भी करोड़ों रुपये जमा किए गए हैं। इस जमीन को पहले भी बेचने की कोशिश की गई थी, जिसमें दो मुकदमें दर्ज हैं। पुलिस अन्य नौ आरोपियों की गिरफ्तारी के भी प्रयास कर रही है।
एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि आरोपी आरोपी समीर कामयाब को गिरफ्तार किया गया है। मामले में लक्ष्मणझूला क्षेत्र निवासी कारोबारी अशोक अग्रवाल ने पुलिस को बताया था कि कांग्रेस नेता विजय सारस्वत, विवेक वर्मा, राघव भटनागर और उसके साथियों ने क्लेमेंटटाउन में मुख्य सहारनपुर रोड पर एक जमीन बताई थी। इस जमीन को उन्होंने फातिमा बेगम का बताया था। उन्होंने फातिमा बेगम के बेटे समीर कामयाब से उनकी मुलाकात कराई।
जमीन का सौदा 11.50 करोड़ रुपये में हो गया। समीर ने उन्हें जमीन के कागजात दिखाए। इन्हें लेकर वह अधिवक्ता विरेंद्र सहगल से मिले। विरेंद्र सहगल ने भी कागजातों के ठीक होने की पुष्टि की। गत 14 फरवरी 2023 को रजिस्ट्री टाइप करवाई गई। इस दौरान 4.50 करोड़ रुपये का समीर और उसके साथियों को भुगतान कर दिया गया। इनमें से दो करोड़ 40 लाख रुपये समीर, एक करोड़ 85 लाख रुपये कांग्रेस नेता विजय सारस्वत को दिए गए। बाकी रकम अधिवक्ता और अन्य लोगों को दी गई।
कब्जे की बारी आने पर करने लगे टालमटोल
जब जमीन पर कब्जे की बारी आई तो आरोपी टालमटोल करने लगे और कब्जा नहीं दिया। अशोक अग्रवाल ने शक होने पर आसपास के लोगों से जानकारी ली। पता चला कि यह जमीन डीके मित्तल की है, जिनकी 2021 में कोरोना से मृत्यु हो गई थी। जब समीर से बात की तो उन्होंने कहा कि मित्तल की जमीन एक किलोमीटर आगे है। अशोक ने और जानकारी जुटाई तो पता चला कि समीर और अन्य के खिलाफ इस जमीन को बेचने के आरोप में पहले भी मुकदमा दर्ज हुआ है। ऐसे में उन्होंने क्लेमेंटटाउन पुलिस को शिकायत की।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
पुलिस ने प्राथमिक पड़ताल के बाद समीर कामयाब निवासी पटेलनगर, रोहित पांडे निवासी कैनाल रोड, कांग्रेस नेता विजय सारस्वत, विवेक वर्मा निवासी सुभाष चौक ऋषिकेश, राघव भटनागर निवासी मायाकुंड ऋषिकेश, अभिषेक त्यागी, सुनीता गुर्जर, धीरज पंवार निवासी माजरा, अधिवक्ता विरेंद्र सहगल और फातिमा बेगम निवासी इंद्रलोक कॉलोनी पटेलनगर के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी ने बताया कि आरोपी समीर के खिलाफ गैंगस्टर और अन्य आरोपों में चार और मुकदमे दर्ज हैं।
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मित्तल की जमीन और मकान बेचने के मामले में पहले दर्ज हुए मुकदमे
एसएसपी ने बताया कि डीके मित्तल और उनकी पत्नी की 15 दिन के भीतर ही कोरोना से मौत हो गई थी। तब से ही उनके मकान और जमीन पर भूमाफिया की नजर है। इससे पहले गिफ्ट डीड के माध्यम से नौ बैनामे इस जमीन और मकान को बेचने की कोशिश में हुए। उनकी मृत्यु के बाद कोई वारिश नहीं था। सब इसका फायदा उठाना चाह रहे थे। वहीं, जीवित रहते डीके मित्तल ने भी एक मुकदमा बाबर हुमायूं के खिलाफ दर्ज कराया था। उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जबकि, उनके मकान को बेचने की कोशिश में एक भाजपा नेत्री के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था।