देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न सम्मान मिलने पर मसूरीवासियों में खुशी की लहर है। उनका मसूरीवासी तब से जुड़ाव महसूस कर रहे हैं जब वह परिवार के साथ मसूरी घूमने आए और यहां उन्होंने कुछ दिन बिताया भी।
मसूरी के इतिहासकार गोपाल भारद्वाज कहते हैं कि नवंबर 2000 में लालकृष्ण आडवाणी अपने परिवार के साथ मसूरी घूमने आए थे। उन्होंने परिवार सहित कुछ दिन मसूरी में बिताए थे। आडवाणी ने मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता की खूब तारीफ की थी और यहां के लोगों से मसूरी को हमेशा हरा-भरा बनाए रखने की अपील भी की। बताया कि आडवाणी ने परिवार के साथ मालरोड सहित कई जगह घूमे। रोपवे से गनहिल भी गए।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता मदन मोहन शर्मा ने बताया कि सन् 2000 में घूमने आए पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने एलबीएस अकादमी में लेक्चर दिया था। कहा कि शाम को मालरोड में उनके फोटो स्टूडियो में भी आडवाणीजी आए थे। यहीं बैठकर पार्टी को लेकर चर्चा की। कहा कि आडवाणीजी को भारत रत्न मिलने से बड़ी खुशी हुई है।