शिवनगरी लाखामंडल बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। पार्किंग व शौचालय तक की सुविधा श्रद्धालुओं को मयस्सर नहीं हैं। महिलाएं सबसे अधिक परेशान होती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन सौंपने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।लाखामंडल को शिवनगरी के रूप में जाना जाता है। यही कारण है कि भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक हर साल यहां पहुंचते हैं। लेकिन, भारी संख्या में पर्यटकों व श्रद्धालुओं की आवाजाही होने के बाद भी यहां न तो उनके ठहरने की कोई व्यवस्था है और न ही शौचालय की सुविधा है। हालांकि, कुछ वर्ष पहले यहां एक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन रखरखाव के अभाव में वह भी बदहाल हो चुका है। स्थानीय निवासी ओमप्रकाश, सुरेश शर्मा, मनोज गौड़, विनोद गौड़, आशाराम शर्मा आदि ने बताया कि प्राचीन पांडव कालीन मंदिर में मौजूद शिवलिंग के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु मंदिर परिसर में रात गुजारते हैं। लेकिन, उन्हें खुले आसमान के नीचे ही रहना पड़ता है। उनका कहना है कि सरकार को लाखामंडल मंदिर के आसपास जन सुविधाओं को बढ़ाना चाहिए।वहीं जिला पर्यटन अधिकारी देहरादून सीमा नाैटियाल ने बताया कि जिला पर्यटन विभाग के माध्यम से मंदिर के पास एक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। बदहाल शौचालय की जानकारी नहीं है। यदि पूर्व में पर्यटन विभाग ने बनवाया होगा तो निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ग्राम पंचायत या मंदिर समिति को सौंप दिया होगा। जिसकी सफाई व रखरखाव की जिम्मेदारी भी उन्हीं संस्थाओं को करनी चाहिए।