डीएम व एसपी ने जताया दुख
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित व पुलिस अधीक्षक डा. विशाखा अशोक भदाणे ने कहा कि इस हादसे को भुलाया नहीं जा सकता। बीते वर्ष केदारनाथ यात्रा के संपन्न होने के एक सप्ताह पहले हेलिकॉप्टर क्रैश में सात लोगों की मौत हो गई थी। अब, यात्रा शुरू होने से दो दिन पहले दर्दनाक हादसे ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं।
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2010 में हुआ था पहला हादसा
केदारनाथ में वर्ष 2010 में केदारनाथ में हेलिपैड पर एक युवक की हेलिकॉप्टर के पंखे की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसके बाद 2013 में 21 जून को निजी कंपनी का हेलिकॉप्टर क्रैश होने से पायलट की मौत हुई थी। 24 जून को केदारनाथ से लौटते समय हेलिकॉप्टर क्रैश होने से पायलट व इंजीनियर की मौत हो गई थी। 25 जून 2013 को सेना का एमआई-17 हेलिकॉप्टर केदारनाथ से वापसी में गौरीकुंड की पहाड़ी से टकरा गया था, जिसमें 20 सैन्य अधिकारी व जवानों की मौत हो गई थी। बीते वर्ष 18 अक्तूबर को केदारनाथ से लौटते समय निजी कंपनी का हेलिकॉप्टर गरुड़चट्टी के समीप क्रैश हुआ, जिसमें पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई थी।